11 साल बाद भी सवाल वही: 40 बरी, फिर किसने?
11 साल पुराने इस मामले में अदालत ने 40 लोगों को बरी कर दिया, और इसी के साथ एक पुराना ज़ख्म फिर से खुल गया। मामला उन छह लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने से जुड़ा था, जो उस वक़्त गांव की ज़मीन और तनाव के बीच घटा था। फैसला सुनने के बाद सबसे बड़ी बात यही रही कि अब असली सवाल और तेज हो गया — अगर इन 40 पर ज़िम्मेदारी तय नहीं हुई, तो फिर वह हमला किसने किया था? ऐसे मामलों में कागज़ का फैसला आता है, पर याद और दर्द लोगों के साथ ही रहते हैं। घणी देर बाद भी जवाब की कमी, सच्ची, सबसे भारी लगती है।
