11 साल बाद भी सवाल वही: उन 5 लोगों को किसने मारा?
नागौर के डांगावास का 11 साल पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अदालत ने इस मामले में सभी 40 लोगों को बरी कर दिया, जबकि पहले इस घटना को लेकर गांव और आसपास के इलाके में लंबी चुप्पी और दर्द दोनों रहे। इस मामले में 5 दलित लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। बरी होने के बाद दलित संगठनों ने सवाल उठाया है कि अगर ये 40 लोग जिम्मेदार नहीं थे, तो फिर असली घटना के पीछे कौन था। यहीं से मामला सिर्फ अदालत के फैसले से आगे निकलकर याद और न्याय की बड़ी बात बन जाता है। गांव के लोगों के लिए भी यह सिर्फ पुराना रिकॉर्ड नहीं, बल्कि एक ऐसी चोट है जो अब तक भूली नहीं गई। सच्ची बात यह है कि कभी-कभी फैसला आ जाता है, पर सवाल और गहरा हो जाता है।
