14 साल में MBBS पूरा न करने पर HC का सीधा जवाब
जयपुर में आए इस फैसले ने एक सीधी बात फिर याद दिला दी: डॉक्टर बनना सिर्फ प्रवेश का खेल नहीं, पाठ्यक्रम पूरा करने की जिम्मेदारी भी है। अदालत के सामने वह मामला था, जहां एक MBBS छात्र 14 साल में भी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया, और फिर राहत मांगी गई। राजस्थान उच्च न्यायालय ने इस पर कहा कि बस इसलिए नरमी नहीं दिखाई जा सकती क्योंकि समय और पैसा लग चुका है। अदालत का कहना साफ था — चिकित्सा की डिग्री कोई ऐसी चीज नहीं जो आधी पढ़ाई और लंबी देरी के बाद भी मिल जाए। यानी व्यवस्था में अनुशासन का हिसाब भी उतना ही जरूरी है जितना मेहनत का। इस फैसले ने छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए एक स्पष्ट संकेत छोड़ा: करियर का रास्ता कितना भी महंगा हो, नियमों को दरकिनार करके मंज़िल नहीं मिलती। घणी सीधी बात, पर काफी काम की।
