18 प्रसूताओं की मौत के बाद 5 दिन का खास अभियान
18 प्रसूताओं की मौत के बाद सरकार ने मातृ स्वास्थ्य को लेकर तुरंत कदम बढ़ाया है। 15 से 19 जुलाई तक पूरे राजस्थान में पांच दिन का विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलेगा, जिसमें गर्भवती महिलाओं की जांच तेज की जाएगी। मकसद साफ है — जिन मामलों में खतरा ज्यादा है, उन्हें शुरुआत में ही पकड़ लिया जाए ताकि प्रसव से पहले सही इलाज और देखभाल मिल सके। यह अभियान सिर्फ कागज की कार्रवाई नहीं, बल्कि गांव-शहर की उस चुप चिंता का जवाब है, जो हर परिवार में कहीं न कहीं रहती है। कई बार महिला समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाती, या जांच बीच में छूट जाती है। ऐसे में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान जल्दी होना बहुत जरूरी माना जा रहा है। एक अफसराना बात को साधारण भाषा में कहें तो, अब नजर हर उस मां पर रहेगी, जिसे थोड़ी ज्यादा निगरानी चाहिए। यही बदलाव सबसे अहम है।
