3,000 किलो दूध पाउडर का हिसाब, स्कूल से बाजार तक
सरकारी स्कूलों के लिए आया दूध पाउडर जब खुले बाजार में दिखने लगा, तो मामला सीधे आपूर्ति-श्रृंखला पर सवाल खड़ा कर गया। जयपुर के सामोद क्षेत्र से जुड़ी शिकायत के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है, और बात लगभग 3,000 किलो के भंडार तक पहुंचती है। स्कूल के बच्चों के लिए रखी गई चीज़ का बाजार में मिलना कोई छोटी बात नहीं। ऐसे मामले अक्सर दिखाते हैं कि गोदाम से लेकर वितरण तक निगरानी कितनी ज़रूरी है, वरना ज़रूरत वाली चीज़ बीच रास्ते में ही घुमा दी जाती है। अब ध्यान इस पर है कि यह भंडार कैसे निकला और कहाँ बेचा गया। घणी सीधी बात है: जब स्कूल का राशन बाजार में मिले, तो पूरी व्यवस्था एक बार फिर सख्त निगरानी मांगती है। समझे?
