4 बच्चे चुपचाप घर से निकले, ननिहाल क्यों?
जयपुर के मुहाना मोड़ एलएनटी रोड से जुड़ी इस कहानी में पहले बस इतना लगा था कि बच्चे ननिहाल जा रहे होंगे, पर जानकारी आते ही मामला पलट गया। 23 जून की शाम गोरखपुर के पास पनियाला गांव पहुंचना था, और इसके लिए टिकट भी पहले से बुक थी। मतलब योजना बिल्कुल सीधी थी, कोई नई जगह या अचानक बड़ी तैयारी नहीं। फिर भी चारों बच्चे दोपहर में ही चुपचाप घर से निकल गए। जो साथ जाने वाला था, वह खाटूश्यामजी के दर्शन करके लौट भी चुका था। यहीं से सवाल और गहरा हो जाता है — जब सफर का इंतज़ाम पहले से था, तो बच्चों ने जल्दी क्यों की? घर के छोटे से फैसले कभी-कभी पूरे माहौल को सोच में डाल देते हैं, और इस मामले में भी वही हुआ.
