50 पैसे का राउंड-ऑफ, 10,000 का सबक
जयपुर के एक grocery store में बिल का हिसाब 50 पैसे से ऊपर करना ही महँगा पड़ गया। उपभोक्ता आयोग ने माना कि बिना अनुमति छोटी-सी राशि भी बिल में जोड़ना अनुचित व्यापार व्यवहार है, और सेवा में कमी भी। मामला वहीं से शुरू हुआ जब ग्राहक ने बिल पर अतिरिक्त पैसे देखे और बात बिगड़ गई। आयोग के सामने यह बात भी आई कि शिकायत के दौरान व्यवहार ठीक नहीं था, जो इस मामले को और गंभीर बना गया। नतीजा यह रहा कि store को 10,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश मिला। जयपुर के रोज़मर्रा बाज़ार में यह एक सीधा-सा सबक है: छोटी रकम को भी नज़रअंदाज़ करो तो भरोसा जल्दी हिलता है।
