50 पैसे के बिल ने 10,000 का सबक दे दिया
जयपुर के एक किराना स्टोर में बिल को 50 पैसे से बढ़ाना बस एक छोटी-सी प्रविष्टि थी, पर उसी पर बड़ी बात निकल आई। राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग ने इसे अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना। मामले का सीधा बिंदु यह था कि ग्राहक से बिना अनुमति अतिरिक्त राशि ली गई, और साथ में रूखे व्यवहार का भी उल्लेख आया। आयोग ने साफ किया कि बिल में चाहे राशि कितनी भी छोटी हो, उसे मनमाने ढंग से जोड़ा नहीं जा सकता। जयपुर जैसे शहर में, जहाँ लोग हर पैसे का हिसाब रखते हैं, यह फैसला एक सीधी याद दिलाता है: बिलिंग सिर्फ मशीन का काम नहीं, भरोसे का भी है। घणी छोटी रकम कभी-कभी घणा बड़ा सबक दे जाती है.
