आभ: छोटा सा लफ़्ज़, बड़ी खुली फ़ीलिंग
आभ मारवाड़ी का सीधा, सुंदर शब्द है — आकाश। इसमें कोई भारीपन नहीं, बस खुली जगह का एहसास है। जयपुर की सुबह में जब आकाश पर हल्की धूप का रंग चढ़ जाए, तब कोई भी कह दे: “आभ साफ़ है।” यह बात सुनते ही मन भी हल्का हो जाता है। इस शब्द का प्रयोग बहुत सरल है: जब ऊपर का आसमान दिखे, या बादल आते-जाते हों, तब आभ बोल सकते हो। मारवाड़ी में छोटी सी बात भी सीधी लगती है, और घणी अपनी सी। जैसे: “आभ में काले बादल आ गए।” बस इतना सा लफ़्ज़, और दृश्य पूरा बन गया।
