Jaipur Live
← Feed
मारवाड़ी मुक्तिMarwadi Mukti

आगळ: दरवाज़े का छोटा सा हीरो

Aagal: darwaze ka chhota sa hero

घर के पुराने दरवाज़े पर जो लकड़ी का सीधा सा टुकड़ा लगता है, उसे मारवाड़ी में आगळ कहते हैं। काम सीधा है: दरवाज़े के पल्लों को पकड़े रखना, ताकि हवा से हिल न जाए। शहर के कुछ पुराने घरों में आज भी यह छोटी सी चीज़ मिल जाती है। आगळ का रंग, उसकी पकड़, और उसकी आवाज़ — सब घर की याद जैसा लगता है। म्हारे जयपुर में दादी लोग बोल देती थीं, “आगळ ठीक हो तो दरवाज़ा भी सीधा रहे।” बस एक शब्द, पर पूरे घर का मिज़ाज समझा देता है। प्रयोग भी सीधा: “दरवाज़े का आगळ लगा दे, हवा बहुत चल रही है।”