आगो: मारवाड़ी में ‘दूर’
आगो आज का शब्द-ऑफ़-द-डे है, और सच्ची, इसका मतलब बिलकुल सीधा है। अर्थ: दूर। चाहे जयपुर से जोधपुर की दूरी बतानी हो या गाँव की गली तक का रास्ता, “आगो” काम आता है। उदाहरण: “म्हारो स्कूल आगो है, पर रोज़ साइकिल पर जाऊँ हूँ।” यानी मेरा स्कूल दूर है, पर मैं रोज़ साइकिल से जाता हूँ। इस शब्द में मारवाड़ी की सादगी भी है और अपनापन भी। जयपुर में ऐसे छोटे शब्द रोज़ की बोली को ज़िंदा रखते हैं। आगो सुनते ही रास्ता, धूल और दूर तक फैला शहर याद आ जाता है। बस, इतना सा शब्द और घणी सारी भावना।
