आगुंच: मारवाड़ी शब्द जो आज का काम है
आज की मारवाड़ी-मुक्ति में शब्द है **आगुंच**। इसका सीधा मतलब है पहले से दिया गया पैसा, यानी अग्रिम। यह शब्द बाज़ार, मज़दूरी और घर के काम में घणा काम आता है। अगर कोई काम शुरू होने से पहले थोड़ा पैसा माँगे, तो बोला जा सकता है: "म्हाने आगुंच चाहिए।" जयपुर के पुराने इलाकों में ऐसी बात अब भी सुनने को मिल जाती है, खासकर जब कारीगर सामान लाना हो या काम पक्का करना हो। इसमें एक सीधी, सच्ची भाषा है — न झंझट, न दिखावा। घणी काम की बात है, पधारो इस शब्द को याद रखो।
