आंबो: मारवाड़ी शब्द ऑफ द डे
आंबो मारवाड़ी में आम को बोलते हैं। गर्मी के दिनों में यह शब्द उतना ही प्यारा लगता है जितना ठंडी लस्सी का गिलास। घर के आँगन में जब पहला आंबो कटता है, तो बस पूरा माहौल मीठा हो जाता है। प्रयोग भी सीधा है: “म्हारे खेत में आंबो पक गयो है।” यानी आम पक गया है। घणी सरल, घणी काम की बात। मारवाड़ी-मुक्ति का मजा भी यही है — एक छोटा सा शब्द, और उसमें पूरी मिट्टी, मौसम और याद सब आ जाते हैं। आंबो बोलते ही जयपुर से लेकर गाँव तक एक ही बात याद आती है: मिठास बिना शोर के भी पहुँच जाती है।
