आंखड़ल्यां: मारवाड़ी का प्यारा शब्द
मारवाड़ी में आज का शब्द है आंखड़ल्यां — मतलब आँखें। यह शब्द सीधा भी है और प्यारा भी, सच्ची। गाँव-घर की बात में लोग सीधे बोल देते हैं, “म्हारी आंखड़ल्यां तीर जासी हैं,” या “आंखड़ल्यां थक गई।” इसमें एक नरमी भी है और अपनापन भी। जयपुर और मारवाड़ की बोली में ऐसे शब्द रोज़ के काम के साथ जुड़ जाते हैं। आँखों के लिए इतना सुंदर शब्द मिलना ही अलग बात है। इसलिए जब भी किसी की नज़र या थकान की बात करो, “आंखड़ल्यां” बोल दो — बात में घणी मिट्टी और अपनापन आ जाता है। पधारो, आज से यह शब्द याद रखो।
