आंतरो: दूरी का मारवाड़ी शब्द
आंतरो मारवाड़ी का वह सीधा-सादा शब्द है जो फासले को बिल्कुल साफ बोल देता है। मतलब: दूरी या अंतराल। जयपुर से आमेर तक का आंतरो हो, या दो कामों के बीच का आंतरो — बात वही, फर्क बस जगह का। इसका उपयोग रोजमर्रा में घणा सहज लगता है। कोई कहे: “स्कूल और घर के बीच थोड़ो आंतरो है,” तो तुरंत दृश्य समझ आ जाता है। मारवाड़ी की यही खूबी है: कम शब्द, सच्ची बात। म्हारे यहाँ ऐसे शब्द बोलने में एक अपनापन होता है, जैसे बोलने वाले ने सिर्फ भाषा नहीं, अपनी गली की याद भी साथ रखी हो। आज का शब्द याद रखो — आंतरो। चलने, मिलने और जुड़ने के बीच का छोटा सा फासला, पर बोलने में बड़ा काम का।
