आपणों: जब 'हमारा' में घरवाली बात हो
आपणों (आपणों) मारवाड़ी का छोटा-सा शब्द है, पर इसके अंदर पूरा घर छुपा होता है। सीधा मतलब: हमारा, अपना। जयपुर, मारवाड़ और आसपास की बोली में यह सिर्फ चीज़ के लिए नहीं, लोगों और एहसास के लिए भी बोल दिया जाता है। जब कोई कहे, “यह आपणों की गली है,” तो बात सिर्फ स्वामित्व की नहीं होती — उस गली से जुड़ी यादें, पहचान और अपनापन भी आ जाता है। उदाहरण: “म्हारे आपणों ने ही संभाल्यो।” इसमें गर्मजोशी भी है और रिश्ता भी। घणी सरल शब्द, पर काम बड़ा। आज का शब्द याद रखो: आपणों — जब बात अपनी हो, तो शब्द भी घर जैसे लगते हैं। ख़ैर.
