एसीबी ट्रैप: 1 लाख की घूस, और 1.5 लाख का हिसाब
जयपुर में एसीबी की कार्रवाई ने एक बार फिर वही पुरानी दिक्कत सामने रख दी जो ठेकेदार से लेकर आम आदमी तक सबको चुभती है — काम के बदले पैसा। शिकायत के अनुसार लंबित बिलों को साफ करने के लिए 1.5 लाख रुपये मांगे गए थे, और सत्यापन के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। जैसे ही 1 लाख रुपये लिए जा रहे थे, जयपुर ग्रामीण इकाई ने कार्यालय कक्ष में कार्रवाई कर दी। यह सिर्फ एक पकड़ नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि बिलिंग और मंजूरी की लाइन में भ्रष्टाचार का दबाव अब भी जिंदा है। एसीबी का 1064 हेल्पलाइन याद रखना चाहिए, क्योंकि घणी बार असली समस्या शिकायत से ही पकड़ी जाती है। जयपुर की कागजी दुनिया में यह नंबर अब भी सबसे ज़्यादा बोलता है।
