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मारवाड़ी मुक्तिMarwadi Mukti

अडावो: गाय-बैल के चरने की ज़मीन

Adao: gaay-bail ka chharaane wala maidan

अडावो सुनने में सीधा सा शब्द है, पर गाँव की ज़िंदगी में इसका अपना रंग है। इसका मतलब होता है वह ज़मीन जो जानवरों को चराने के काम आती है। राजस्थान के कई इलाकों में ऐसी खुली जगह गाँव के बाहर या किनारे मिलती थी, जहाँ गाय-बैल सुबह से शाम तक रहते थे। मारवाड़ी में कोई बोले, “बैल अडावो में छोड़ आयो,” तो मतलब सीधा है — उन्हें चरने के लिए खुली ज़मीन पर ले जाओ। यह शब्द सिर्फ़ ज़मीन नहीं, गाँव की पुरानी रीत भी याद दिलाता है, जब चरवाहा और पशु दोनों रोज़ का हिस्सा थे। घणी सच्ची बात है: अडावो जैसे शब्द भले छोटे हों, पर इनमें पूरा गाँव बोलता है।