अळगो: दूरी का वह मारवाड़ी शब्द
अळगो (अळगो) मारवाड़ी का वह सीधा-सादा शब्द है जो दूरी को बिना झंझट बोल देता है। जयपुर में कोई कहे, “म्हारो घर अळगो पड़तो है,” तो मतलब बस इतना: घर काफ़ी दूर है। इसमें न अकड़ है, न अतिरिक्त भाषा — सीधी बात, घणी काम की। मारवाड़ी में ऐसे शब्द रोज़ की बोलचाल को ज़िंदा रखते हैं। “अळगो” सुनते ही सफ़र, फ़ासला, और थोड़ी सी शिकायत सब एक साथ आ जाती है। अगर आप किसी दोस्त को बोलना चाहो, “तू अळगो मत रह, पास बैठ,” तो बात भी प्यारी लगेगी और अपनापन भी रहेगा। बस याद रखो: अळगो = दूर, अलग, परे।
