अलवर में अस्पताल का लाइसेंस रद्द, सवाल बड़ा
अलवर के नगला रैसिस में एक निजी अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया, क्योंकि प्रसव के दौरान एक महिला की मृत्यु के बाद विभाग ने मामले को बहुत गंभीर माना। जाँच में यह बात सामने आई कि प्रसव योग्य डॉक्टर की मौजूदगी के बिना नर्सिंग स्टाफ ने किया। यहीं पर पूरा सवाल टिकता है: जब माँ और बच्चे की जान दाँव पर हो, तो व्यवस्था का सबसे पहला नियम क्या होना चाहिए? स्वास्थ्य विभाग ने लाइसेंस रद्द करने के साथ एफआईआर का भी आदेश दिया और अस्पताल का काम तुरंत रोकने को कहा। समीक्षा बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के रिकॉर्ड, डेटा अपलोड और सरकारी अस्पतालों के उपकरणों की स्थिति पर भी ज़ोर दिया गया। घणी सच्ची बात यह है कि काग़ज़ पर निगरानी और धरातल पर निगरानी में फ़र्क बहुत महँगा पड़ सकता है। इस मामले ने फिर याद दिलाया कि प्रसव कक्ष में एक योग्य डॉक्टर का होना कोई औपचारिक बात नहीं, सीधे सुरक्षा का सवाल है।
