अमेर की सुबह में हाथी की सवारी, पर्यटकों का मूड सेट
अमेर किले की सुबह में हाथी की सवारी देखकर लगता है कि जयपुर अपनी पुरानी आदत नहीं भूला — मेहमान आए, और शहर ने उनके लिए धीरे से अपना रंग खोल दिया। सर्दी की हल्की धूप में विदेशी पर्यटक जब किले के आसपास घूमते हैं, तो दृश्य सिर्फ फोटो वाला नहीं होता, एक पुराना पर्यटन-मन भी जागता है। इसी बीच उद्योग हितधारकों ने Ease of Doing Business के प्रस्तावित सुधारों को सही कदम माना, पर एक सीधी बात भी रखी: सिर्फ नियम आसान कर देने से पर्यटन की पूरी क्षमता नहीं खुल जाएगी। उनका इशारा था कि सफाई, परिवहन, गाइड व्यवस्था, और आगंतुक अनुभव भी उतने ही ज़रूरी हैं। जयपुर के लिए यह याद दिलाने वाली बात है — विरासत सिर्फ दीवार और किले में नहीं, उस नरम मेहमाननवाज़ी में भी है जो हर सुबह अमेर को जीवित रखती है।
