अनाण सनाण: पहचान का घणी प्यारा शब्द
जयपुर की बात हो या मारवाड़ के किसी गाँव की, कुछ चीज़ें बस एक ही निशान से पहचानी जाती हैं। उस खास निशान को मारवाड़ी में कहते हैं अनाण सनाण — मतलब distinguishing feature, वह बात जो सबसे अलग दिखे। यह शब्द रोज़ की बातचीत में भी बड़ी काम की चीज़ है। जैसे किसी की लिखावट, किसी की चाय, या किसी घर की छत की दीवार पर बना अलग रंग — बस उसी से पहचान बन जाती है। म्हारे लिए इस शब्द की मस्ती यही है कि यह सीधा, छोटा और पक्का है। एक लाइन याद रखो: "इस लाल मिर्च की अनाण सनाण उसकी तीखी खुशबू है।" बस, बात खत्म।
