अरावली की पहली बारिश और जयपुर की खुशबू
अरावली की पहली बारिश के बाद जयपुर का रंग थोड़ा और गहरा हो जाता है। जहां दिन भर गरम सूखी हवा चलती थी, वहां अचानक गीली मिट्टी की खुशबू उठती है—सच्ची, सीधी, और सीधे नाक तक पहुंचने वाली। नाहरगढ़ की तरफ से आती ठंडी हवा में कच्ची घास, पत्थर और नीम के पत्तों का मेल अलग ही लगता है। इस मौसम में छतों पर पानी की हल्की टप-टप, और गली के कोने पर चाय की टपरी से उठती भाप, दोनों मिलकर जयपुर को नया सा मूड दे देते हैं। म्हारे शहर में बारिश सिर्फ पानी नहीं होती; वह याद दिलाती है कि सूखी धरती भी खुशबू संभाल कर रखती है। घणी बारिश के बाद जो मिट्टी की महक आती है, उसका जवाब कोई इत्र नहीं दे सकता.
