असेंबली डोर खुलने से पहले ही गर्मी बढ़ गई
जयपुर और पूरे राजस्थान में इलेक्शन से इतनी दूरी होते हुए भी सियासी गर्मी का बढ़ना कोई छोटी बात नहीं। असेंबली पोल्स को अभी लगभग ढाई साल बाकी हैं, पर पार्टीज़ के अंदर और बाहर दोनों तरफ से मूवमेंट तेज दिख रहा है। कहीं छोटी बैठकेन, कहीं डेली कॉन्टैक्ट, कहीं अपनी ज़मीन मज़बूत करने की कोशिश — मतलब अभी से हिसाब किताब शुरू। इस फेज़ में असली बात सीट की नहीं, मूड की होती है। कौन कहाँ एक्टिव है, कौन चुप है, कौन ग्राउंड पर वापस आना चाहता है — जयपुर जैसे शहर में ये सब तुरंत नोटिस हो जाता है। एक सीनियर पॉलिटिकल ऑब्ज़र्वर की तरह बात करें तो, अभी से जो लोग हल्की सी रफ्तार समझ रहे थे, उनके लिए ये सीज़न का सिग्नल है। राजस्थान की सियासत में यह जल्दी वाली चहल-पहल अक्सर आगे के बड़े सीन का पहला इशारा होती है।
