विधानसभा जल्दी बंद, जवाब का सवाल फिर वही
जयपुर में राजस्थान विधानसभा के जल्दी स्थगित होने पर सियासी चर्चा फिर से तेज़ हो गई। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सदन को पूरा चलाने की जगह उसे जल्दी बंद कर दिया गया, ताकि कठिन सवालों से बचा जा सके। यही वह बात है जो विधानसभा के बाहर भी सुनाई देती है: जब जवाब कम और समय भी कम हो, तो लोगों को लगता है कि कोई न कोई हिसाब अधूरा रह गया। सदन का काम आम तौर पर बहस, जवाब और फैसलों के लिए होता है, लेकिन जब सत्र छोटा हो जाए तो विपक्ष को बोलने का मौका कम मिल जाता है। इसी पर LoP का तीखा हमला आया। उनका इशारा सीधा था — सरकार को सवाल सुनने पड़ते हैं, और शायद वही सबसे मुश्किल काम लग रहा है। आज का दृश्य भी वही था: कुर्सियाँ वही थीं, लेकिन हवा में एक अधूरा जवाब लटका हुआ था.
