अठै: मारवाड़ी शब्द ऑफ़ द डे
आज मारवाड़ी-मुक्ति का शब्द है अठै, जो सीधे “यहाँ” के काम आता है। जयपुर के घरों, गलियों और छोटे बाज़ारों में ऐसे शब्द बात को और ज़िंदा बना देते हैं। किसी को बुलाना हो, या बस अपनी जगह दिखानी हो, तो “अठै” बोल दो — काफ़ी सीधा, काफ़ी अपना। प्रयोग देख लो: “अठै आवो, छोरी।” मतलब: यहाँ आओ, बहन। इसमें कोई भारीपन नहीं, बस साफ़ बात। मारवाड़ी में ऐसे छोटे शब्द ही रिश्ते को पास ले आते हैं। घणी बार हम हिंदी बोलते-बोलते भी ऐसा शब्द छुपा देते हैं जो घर जैसा लगता है। अठै भी वही एहसास देता है — सीधा, नरम, और अपना।
