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मारवाड़ी मुक्तिMarwadi Mukti

बांटे: ज़मीन का मारवाड़ी लीज़-शब्द

Baante: zameen ka Marwari lease-word

भाईसाब, गाँव की बात में बांटे का मतलब सीधा है: ज़मीन का पट्टा या बटाई। यानी मालिक की ज़मीन पर कोई और खेती करे, और फ़सल का हिस्सा पहले से तय रहे। राजस्थान के कई खेत-खलिहानों में यह शब्द आज भी चलता है, खासकर जब पानी, मेहनत और हिसाब साथ चलते हैं। इसलिए गाँव में कोई कहे, "इस बार बांटे पर गेहूँ बोया है," तो समझ लो ज़मीन अपनी नहीं, पर काम अपना पूरा। मारवाड़ी में यह शब्द घणा सीधा है, और बोलने में भी मजा देता है। छोटा सा शब्द, पर इसके अंदर पूरी खेती की दुनिया है — मेहनत, भरोसा, और हिस्सा-बाँटा।