बाबो: मारवाड़ी में ताऊ को क्या कहते हैं
मारवाड़ी में "बाबो" का मतलब होता है ताऊ, यानी पिता के बड़े भाई। यह सिर्फ रिश्ते का नाम नहीं, घर की बड़ी आवाज़ जैसा भी होता है। गाँव-कस्बे में जब बाबो बोलते हैं, तो उसमें इज़्ज़त, अपनापन और थोड़ी सी हुक्मरानी सब आ जाती है। एक छोटा सा प्रयोग देखो: "म्हारो बाबो आज शाम ने आवेगो।" इस वाक्य में सीधा रिश्ता भी है और घर का मिज़ाज भी। जयपुर से शेखावाटी तक ऐसे शब्द बोलने में अलग ही मिठास आती है। बाबो जैसा शब्द याद दिलाता है कि मारवाड़ी में रिश्ते सिर्फ नाम नहीं, एहसास होते हैं।
