बडेरा: अपने पुरखों का प्यारा शब्द
घर की दीवार पर टंगी पुरानी तस्वीर, और दादी की एक बात—तब समझ आता है कि बडेरा सिर्फ शब्द नहीं, याद का नाम है। मारवाड़ी में बडेरा का मतलब होता है पुरखों, यानी वे लोग जिन्होंने घर, रीति और भाषा को संभाला। राजस्थान में यह शब्द कभी सम्मान से, कभी अपनेपन से बोला जाता है। जैसे कोई कहे, “म्हारे बडेरा ने यह बात सिखाई थी,” तो उसमें सीधा-सा गर्व छुपा होता है। आज के समय में भी यह शब्द घर की कहानियों को ज़िंदा रखता है। छोटा-सा शब्द, पर मतलब बहुत गहरा। बडेरा याद दिलाता है कि हम अकेले नहीं, अपनी पीढ़ियों के सहारे खड़े होते हैं।
