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मारवाड़ी मुक्तिMarwadi Mukti

बधावो: ससुराल भेजने का गीत

Badhawo: sasural bhejne ka geet

बधावो मारवाड़ का वह गीत है जो बेटी को ससुराल भेजते समय गाया जाता है। इसमें खुशी भी होती है, और बिछड़ने का दुख भी। घर की औरतें, खासकर माँ, बुआ और पड़ोसिन, मिलकर इसे गाती हैं। ढोलक की थाप पर जब “बधावो” उठता है, तो विदाई का पल और गहरा हो जाता है। इस शब्द का मतलब समझ लो: बधावो = विदाई का गीत। जैसे, “आज रानी की विदाई में सबने बधावो गाया।” सुनने में सीधा-सा लगता है, पर इसमें पूरा घर बोलता है। घणी सच्ची बात है—मारवाड़ी में एक शब्द कभी-कभी पूरा दृश्य समझा देता है। बस इसी लिए मारवाड़ी-मुक्ति में ऐसे शब्द याद रखने लायक होते हैं।