बधावो: ससुराल जाने का गाना
बधावो मारवाड़ का वह प्यारा गाना है जो बेटी की विदाई के समय गाया जाता है। घर की महिलाएँ इसे गाती हैं, कभी धीमे, कभी आँखों में पानी लेकर। इसमें सिर्फ विदाई नहीं, माँ-बाप का प्यार, बेटी की नई ज़िंदगी और घर की यादें सब आ जाती हैं। पधारो, यही वह पल होता है जब आँगन का शोर एकदम नरम हो जाता है। मारवाड़ी में बधावो सुनते ही लोग समझ जाते हैं कि विदाई का समय है। इसकी एक पंक्ति अक्सर सबसे ज़्यादा चुभती है, क्योंकि वह बेटी के घर से निकलने का दुःख भी बोल देती है और दुआ भी।
