बधणों: मारवाड़ी का प्यारा ग्रोथ वाला शब्द
बधणों (बढ़णों) मारवाड़ी में “बढ़ना” या “ग्रो करना” के लिए बोला जाता है। यह शब्द बिलकुल सीधा है, पर बोलने में घणा अपनापन देता है। घर के लोग, खेत की फसल, या बच्चे की ऊँचाई — सबके लिए यह चलता है। जैसे दादी बोल सकती हैं: “देख, आम का पेड़ कितनो बढ़ गयो!” यहाँ मतलब बस इतना है कि चीज़ आगे निकली, फली-फूली। मारवाड़ी में ऐसे छोटे शब्द बात को ज़िंदा बना देते हैं। सच्ची, “बधणों” सुनते ही लगता है जैसे ज़िंदगी खुद थोड़ी और लंबी हो गई।
