बड़ी चौपड़ पर वंदे मातरम् का सुर बिगड़ा, फिर माफी आई
बड़ी चौपड़ पर स्वतंत्रता दिवस का पारंपरिक कार्यक्रम था, मंच पर तिरंगा भी था और भीड़ में जयपुर का अपना सार्वजनिक मूड भी। समारोह के बाद वंदे मातरम् बजना था, लेकिन ध्वनि दल की तकनीकी गड़बड़ी से मूल धुन की जगह दूसरी धुन सुनाई दे गई। जो क्षण गर्व का होना था, वह एक छोटी-सी व्यवस्था-चूक से असहज हो गया। मंच पर बैठे लोगों के चेहरों से भी यह बात समझ में आ गई कि दृश्य ठीक नहीं बैठा। बाद में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने इस गलती पर नैतिक जिम्मेदारी ली और सार्वजनिक माफी दी। सही भी है — राष्ट्रीय मौकों पर ऑडियो, क्रम और समय की जरा-सी चूक भी सबके सामने आ जाती है। जयपुर में बड़ी चौपड़ वैसे भी ऐसे मौकों पर शहर की राजनीतिक याद का हिस्सा बन चुकी है।
