बज़राक़: बिजली से भी तेज़ एक मारवाड़ी शब्द
बज़राक़ सुनते ही दिमाग में आकाश, गरज और सीधी चोट सब एक साथ आ जाते हैं। मारवाड़ी में यह शब्द उस घातक हथियार के लिए आता है जो बहुत तेज़ और प्रभावशाली माना जाता है — इन्द्र के वज्र जैसा। गाँव की बोली में ऐसे शब्द कम मिलते हैं, पर जब मिलते हैं तो सीधे याद रह जाते हैं। म्हारे लिए इस शब्द की खूबसूरती यही है: यह सिर्फ हथियार नहीं, जोर और असर का भी संकेत है। प्रयोग बहुत सरल है — “उसने ऐसी बात कही, जैसे बजराक़ चल गया हो।” इसमें धमाका भी है और भाव भी। घणी सच्ची बात: मारवाड़ी शब्द कभी-कभी एक पंक्ति में पूरी तस्वीर बना देते हैं।
