बाजूबंध: हाथ का छोटा स्टार
बाजूबंध एक छोटा-सा आभूषण है, पर इसका असर बड़ा होता है। राजस्थान की पुरानी पोशाकें हों या शादी का जोड़ा, बाजू पर बँधा यह आभूषण पूरे श्रृंगार को अलग पहचान देता है। इसलिए इसे सिर्फ गहना मत समझो, पहनावे का मिज़ाज समझो। मारवाड़ी में “बाजूबंध” का मतलब सीधा बाजू पर बाँधा जाने वाला आभूषण है। घर में दादी या मौसी बोल दे: “इस लहंगे के साथ बाजूबंध घणी बढ़िया लगेगी।” यानी, हाथ के ऊपर जो आभूषण बाँधा जाता है, वह। आजकल यह त्योहार के रूप में भी दिखता है, और तस्वीर में तो, भाइसाब, सीधा नज़र खींच लेता है। पधारो, घणी छोटी-सी बात है, पर शान में बड़ी बात।
