बालाजी: नाम ही काफी है
बालाजी का नाम सुनते ही गाँव-ढाणी में लोग सीधे मन से बोल देते हैं। मारवाड़ी में 'बालाजी' हनुमान जी के लिए प्यार से बोला जाता है। मतलब सिर्फ एक देवता का नाम नहीं, बल्कि बल, विश्वास और काम कर निकलने वाली हिम्मत भी। जयपुर से शेखावाटी तक, लोग छोटी-बड़ी बात में कह देते हैं: 'बालाजी साथ है।' यह शब्द मंदिर की घंटी जैसा लगता है — सीधा, साफ, और घणा अपनापन वाला। दूसरी पंक्ति याद रखो: 'बालाजी, म्हारे काम में जोर भर दो।' बस इतना बोलने से बात भी बन जाती है और मन भी हल्का हो जाता है। पधारो, आज का मारवाड़ी-मुक्ति शब्द यही है।
