बैंगलोर का यह घर इतिहास और वेलनेस का मेल
इस घर का दृश्य सीधा-सादा डिज़ाइन वाला नहीं, घणो सोचा-समझा है। बचाए गए बलुआ पत्थर को नई संरचना के साथ जोड़ा गया, और सौ साल से भी पुरानी वस्तुओं को ऐसे रखा गया जैसे घर अपनी पुरानी कहानी खुद सुना रहा हो। बीच का ऊँचा केंद्रीय वॉइड सिर्फ़ शैली के लिए नहीं, रोशनी और हवा के लिए भी काम करता है। यही इस स्थान को एक वेलनेस आश्रय बनाता है। बैंगलोर जैसे शहर में, जहाँ दिन भर का शोर कभी कम नहीं होता, ऐसा घर भीतर आते ही साँस धीमी कर देता है। एक कोना कहता है कि इतिहास को संभालकर भी आधुनिक रहा जा सकता है, और दूसरा यह कि वास्तुकला सिर्फ़ देखने की चीज़ नहीं, जीने की चीज़ है। बस, यही इस घर की सबसे बड़ी बात है — पुराना भी जीवित, नया भी शांत।
