भीलवाड़ा अस्पताल में फिर दो नई माताओं की मौत
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में दो और नई माताओं की मौत के बाद मातृत्व वार्ड का माहौल और भारी हो गया है। अस्पताल की ओर से कहा गया कि दोनों मामले सामान्य प्रसव के बाद के थे, लेकिन इस बात ने चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि ऐसे में घर लौटने की खुशी अचानक ग़म में बदल गई। अब कुल संख्या 7 हो चुकी है, और इस गिनती ने राज्य की मातृ स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ मामला सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, बल्कि उस पूरी शृंखला का है जहाँ समय पर देखभाल, निगरानी और समय पर इलाज सबसे ज़रूरी होते हैं। लोगों की एक ही बात है — प्रसव के बाद भी अगर माँ सुरक्षित न रहे, तो व्यवस्था को और कौन सा संकेत चाहिए? इस घटना ने याद दिला दिया कि नई माँ के लिए छोटी-सी चूक भी घणी भारी पड़ सकती है।
