बिजली का हिसाब सुधरेगा, सोलर का जोर बढ़ेगा
जयपुर में बिजली व्यवस्था को लेकर जो बात उठी, उसका सीधा मतलब था: पूरी श्रृंखला को मजबूत करना पड़ेगा। राज्य स्तर पर डिस्कॉम की वित्तीय सेहत सुधारने पर जोर दिया गया, क्योंकि बिना इसके आपूर्ति, रखरखाव और योजना सब पर असर पड़ता है। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा को और तेजी से बढ़ाने की बात भी सामने आई। राजस्थान में धूप का तो कोई हिसाब ही नहीं, और इसी वजह से सोलर को सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य का बड़ा सहारा माना जा रहा है। एक अधिकारी-सी बात यही थी कि व्यवस्था को आज के खर्च और कल की जरूरत, दोनों साथ देखकर चलना होगा। घणी सच्ची बात है, बिजली का मामला सिर्फ तार और टावर का नहीं होता, घर की रोशनी और बजट दोनों से जुड़ा होता है। इसी लिए वित्तीय मजबूती और स्वच्छ ऊर्जा का मेल अब राज्य की रोज़मर्रा की जरूरत बन रहा है।
