बॉर्डर के पास मस्जिद गिराने पर एकता की आवाज़
बॉर्डर के पास कथित अवैध धार्मिक ढाँचों को गिराने का मामला राजस्थान में सीधे स्थानीय भावना से जुड़ गया। बाड़मेर और बीकानेर के लोगों ने कहा कि बिना पूरी सुनवाई के कार्रवाई करना ठीक नहीं, और इसी बात पर विरोध तेज हुआ। उच्च न्यायालय में दी गई याचिका में लगभग 12 मस्जिदों के ध्वस्तीकरण का ज़िक्र आया, जिसने मामले को और बड़ा कर दिया। यहाँ सिर्फ ढाँचे का सवाल नहीं था, बल्कि प्रक्रिया का भी था। गली-मोहल्ले में लोग यही बोलते सुनाई दिए कि अगर कार्रवाई करनी है, तो वह एक जैसे तरीके से हो, बिना चुनिंदा रवैये के। इस बीच हिंदू-मुस्लिम एकता की जो तस्वीर उभरी, वह राजस्थान के सीमा-इलाकों की सच्ची आदत जैसी लगी — मुश्किल बात हो, तब भी लोग पहले इंसाफ और बाद में शोर की बात करते हैं। सच्ची, यही इस कहानी की सबसे बड़ी बात है।
