BRICS बैठक: MSME के लिए निष्पक्ष व्यापार का जोर
BRICS बैठक में भारत का ध्यान सिर्फ बड़े सौदों पर नहीं, बल्कि उन छोटे उद्यमों पर था जो देश की अर्थव्यवस्था का असली इंजन होते हैं। बात सीधी है: अगर वैश्विक व्यापार के नियम कुछ हद तक निष्पक्ष हों, तो MSME को नया बाजार मिलता है, निर्यात का दायरा बढ़ता है, और काम का फैलाव भी होता है। मोड़ यह है कि भारत समावेशी व्यापार की बात कर रहा है, जहाँ सिर्फ बड़े खिलाड़ी नहीं, छोटे इकाई भी साँस ले सकें। जयपुर के वस्त्र, हस्तशिल्प और छोटे निर्माण जैसे क्षेत्रों के लिए यह बात खास लगती है। एक पंक्ति में समझो: निष्पक्ष व्यापार सिर्फ सिद्धांत नहीं, व्यावहारिक मौका भी है। इस पहल का असली असर अब उस पहुँच पर दिखेगा जो छोटे व्यापारी को मिलती है।
