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BRICS में private paisa का gap और कैसे भरेगा

BRICS mein private paisa ka gap aur kaise bharega

BRICS वित्त मंत्रियों की बैठक के साथ हुए सेमिनार में यह बात साफ़ रही कि infrastructure का काम सिर्फ़ सरकार के बल पर नहीं चल सकता। वित्त मंत्री ने कहा कि बहुपक्षीय बैंक परियोजनाओं को जोखिम-मुक्त कर सकते हैं, उन्हें बैंक योग्य बना सकते हैं और निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकते हैं। जयपुर में हुई इस बातचीत का माहौल बिल्कुल व्यावहारिक था: highways, rail, ports, logistics और digital network पर जो सार्वजनिक खर्च हुआ, उसने private money के लिए ज़मीन तैयार की है। इसी क्रम में Viability Gap Funding, Hybrid Annuity Model, credit enhancement और Infrastructure Investment Trusts का ज़िक्र आया। असली बात यह थी कि BRICS अर्थव्यवस्थाओं को धन से ज़्यादा स्थिर नियम चाहिए। सेमिनार में जो रुख बना, वह सीधा था: public investment engine है, private capital fuel है। और अब देखना है, यह fuel कितनी तेज़ी से भरता है।