बीएसएफ के साथ राजस्थान का सहारा
अनूपगढ़ की सीमा चौकी पर एक साधारण-सी यात्रा थी, पर उसका संदेश काफी साफ था। मुख्यमंत्री ने बीएसएफ की ड्यूटी को देश की सुरक्षा से जोड़ा और कहा कि जो लोग सीमा पर खड़े रहते हैं, उनके लिए कल्याण केवल शब्द नहीं, जिम्मेदारी है। सीमा की गर्मी, लंबी ड्यूटी और दूरी — ये सब उस जिंदगी का हिस्सा हैं जो आम आदमी रोज़ नहीं देखता। चौकी पर निरीक्षण के दौरान सीमा चौकी की तैयारी, रहने की सुविधा और ड्यूटी के माहौल पर भी ध्यान गया। ऐसी बात का असर सिर्फ एक यात्रा तक सीमित नहीं रहता; उससे यह संदेश जाता है कि अग्रिम पंक्ति पर काम करने वाले लोगों की रोजमर्रा की ज़रूरत भी नीति का हिस्सा होनी चाहिए। सच्ची बात यह है कि सीमा पर हिम्मत के साथ सुविधा भी चाहिए — और वही इस यात्रा का असली मतलब था.
