सीबीआई की दो कार्रवाईयां, रेलवे बिलों पर फिर सवाल
जयपुर और बीकानेर के उत्तर पश्चिम रेलवे कार्यालय से जुड़ी दो अलग कार्रवाइयों ने एक पुरानी बात फिर याद दिला दी: फ़ाइल चलती है, तो उसके साथ ईमानदारी भी चलनी चाहिए। सीबीआई के मुताबिक जयपुर वाले मामले में बिल की प्रक्रिया और पासिंग के बदले पैसा लिया जा रहा था। ट्रैप के दौरान 4 लोग पकड़े गए, और बाद की तलाशी में जयपुर और दिल्ली से 9 लाख रुपये तक मिले। बीकानेर में भी वही पैटर्न दिखा, जहाँ काम के बिलों के बदले 1.20 लाख रुपये की बात सामने आई और 3 लोगों पर कार्रवाई हुई। रेलवे के काम में ठेकेदार, कार्यालय और बिल की यह कड़ी जब गड़बड़ होती है, तो सीधे व्यवस्था पर असर पड़ता है। इसी लिए यह मामला सिर्फ एक छापा नहीं, बल्कि कागज़ी काम के पीछे चल रही पुरानी आदत पर सवाल है।
