सीबीआई की दो ट्रैप, रेलवे बिलों पर निगाह
जयपुर और बीकानेर, दोनों जगह रेलवे के बिलों का चक्कर फिर से चर्चा में आ गया। सीबीआई ने दो अलग मामलों में 5 रेलवे अधिकारियों और 2 निजी कंपनी के लोगों को गिरफ्तार किया, और साथ ही नकद, दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी ज़ब्त किए। जयपुर वाले मामले में 1.46 लाख रुपये के बदले बिलों को आगे बढ़ाने की बात थी, जबकि बीकानेर में 1.20 लाख रुपये का मामला सामने आया। ट्रैप अभियान के बाद तलाशी जयपुर और दिल्ली तक पहुँची, जहाँ से 9 लाख नकद मिला। सीधी बात यह है कि जब फ़ाइल और बिल का रास्ता पैसे से मुड़ने लगे, तो पूरी व्यवस्था की रफ़्तार भी धीमी पड़ जाती है। ऐसे मामले याद दिलाते हैं कि काग़ज़ी काम का असली इम्तिहान काउंटर पर होता है, बोर्डरूम में नहीं।
