Jaipur Live
← Feed
बाज़ार के किस्सेBazaar Ke Kisse

चांदपोल के पेपरमाशी मास्क, हाथ की मेहनत

Chandpole ke papermâché mask, haath ki mehnat

चांदपोल बाजार की एक छोटी सी दुकान में कागज की परतें देखने में सीधी लगती हैं, पर काम बहुत बारीक होता है। पहले साँचा बनता है, फिर गीला कागज और गोंद की परतें चढ़ती हैं, सूखने के बाद उन पर नाक-नक्श उभरते हैं। उसके बाद ब्रश से रंग, काली रेखा, और मुस्कान या तेवर। यही पेपरमाशी मास्क जयपुर के पुराने बाजार की लय का हिस्सा हैं — माल हल्का, पर मेहनत भारी। दुकानदार कहते हैं, “यह काम मशीन का नहीं, हाथ का है।” बापू बाजार और त्रिपोलिया की भीड़ के बीच यह कला अब भी अपनी जगह बनाए रखती है, और घणी बात यह कि कुछ घर इससे पूरा साल चलाते हैं।