चांदपोल की पीतल वाली गली, जहां थाली चमकती है
चांदपोल बाजार की पीतल वाली गली में सुबह से ही धत-धत, ठोक-ठोक का शोर चलने लगता है। एक तरफ थालियां कतार से लटकी होती हैं, दूसरी तरफ लोटा, कलश और पूजा के छोटे बर्तन साफ कपड़े से पोंछे जा रहे होते हैं। यहां दुकान सिर्फ दुकान नहीं, पूरा परिवार का काम होता है — कोई बिल लिखता है, कोई पॉलिश करता है, कोई ग्राहक से भाव। घणी देर तक एक थाली को घिसने के बाद ही उसकी असली चमक आती है, और वही इस गली की पहचान है। पुराने घरों में आज भी शादी, सत्संग और रोज की पूजा के लिए यहीं से सामान उठता है। सच्ची बात, चांदपोल का यह काम जयपुर की हाथ की मेहनत को जिंदा रखता है।
