चौड़ा रास्ता की स्याही अब भी ज़िंदा है
चौड़ा रास्ता की तंग गलियों में आज भी कलम की नोक, कार्बन कागज़ और रेखांकित कॉपी का सामान मिल जाता है। सुबह से शाम तक स्कूल के बच्चे, कोचिंग वाले और दफ्तर के कागज़ सँभालने वाले यहाँ भटकते रहते हैं। दुकानदार कहते हैं, सस्ता सामान हर जगह मिल जाएगा, पर सही आकार की कॉपी, अच्छी स्याही और मज़बूत रजिस्टर के लिए लोग अब भी इधर मुड़ते हैं। एक पुरानी दुकान के मालिक ने बताया कि नीली कॉपी का भंडार सबसे पहले खत्म होता है, क्योंकि उसी में पाठ्यक्रम और हिसाब दोनों निभ जाते हैं। चौड़ा रास्ता का यह बाज़ार बस बेचता नहीं, लिखने की आदत भी ज़िंदा रखता है। घणी बात सच्ची है, म्हारे जयपुर में कागज़ अब भी अपनी जगह बना लेता है।
