सिविल कोड-2026: कागज़ से पहले हवा बदली
जयपुर में सिविल कोड-2026 का नाम आते ही सरकारी दफ़्तरों की पुरानी फ़ाइलें और नए नियम दोनों एक साथ याद आ गए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राजस्थान इस कोड को संवैधानिक भावना के साथ लाने की तैयारी कर रहा है। मतलब बात सिर्फ़ कागज़ बदलने की नहीं, बल्कि नियमों को एक साफ़ और एक जैसी लाइन में लाने की है। राज्य में ऐसे कोड की चर्चा पहले से होती रही है, लेकिन अब बात सीधे अगले साल के नाम के साथ आई है। जयपुर के लोगों के लिए इसका मतलब सीधा है — दफ़्तर का काम, अधिकार, और ज़िम्मेदारियाँ किस तरह लिखी जाएँगी, यही असली बात है। एक सरकारी सोच यह भी है कि जब नियम साफ़ होते हैं तो आम आदमी का भटकना कम होता है। बस अब देखना यह है कि मसौदे में बात कितनी सीधी और कितनी काम की आती है।
