सीएम का संकेत: नशा और साइबर अपराध के खिलाफ साथ
जयपुर में सीएम का संदेश सीधा था: राजस्थान को सुरक्षित बनाना है, तो नशे और साइबर अपराध के खिलाफ समाज को भी साथ आना पड़ेगा। उन्होंने महिलाओं और युवाओं को इस अभियान का अहम हिस्सा बताया, क्योंकि घर, स्कूल और मोहल्ला — तीनों जगह सबसे पहली नज़र अक्सर इन्हीं पर पड़ती है। बात सिर्फ चेतावनी की नहीं, रोज़ की सतर्कता की है। नशा हो या ऑनलाइन ठगी, दोनों में छोटी-सी सावधानी बड़ा फर्क लाती है। एक स्थानीय-सा लगने वाला बिंदु यही है — कॉलोनी में संदिग्ध गतिविधि को नज़रअंदाज़ करना, या फोन पर आई अजीब लिंक पर क्लिक कर देना, दोनों महँगे पड़ सकते हैं। सीएम की इस अपील का मतलब भी सरल है: अपराध-मुक्त राजस्थान का सपना तभी आगे बढ़ेगा जब लोग चौकस रहेंगे, बात साझा करेंगे, और समय पर कार्रवाई करेंगे। घणी सच्ची बात, व्यवस्था और समाज दोनों को एक साथ चलना पड़ेगा.
